Lok Adalat विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत बनी जन अदालत है। राष्ट्रीय Lok Adalat साल में चार बार भारत के हर ज़िले में लगती है, और बकाया ट्रैफिक चालान वहाँ सबसे ज़्यादा निपटाए जाने वाले मामलों में से हैं।
Lok Adalat में क्यों निपटाएं?
- प्रक्रिया मुफ़्त है; कोई कोर्ट फीस नहीं
- छोटे अपराधों में राशि अक्सर कम और कभी-कभी माफ़ होती है
- Lok Adalat का फैसला अंतिम और बाध्यकारी होता है, मामला खत्म
- बार-बार अदालत जाने से बचत
कदम दर कदम
- सरकारी Parivahan ई-चालान पोर्टल पर गाड़ी नंबर से अपने बकाया चालान देखें
- अपने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा घोषित अगली राष्ट्रीय Lok Adalat की तारीख देखें
- रजिस्ट्रेशन खुलते ही रजिस्टर करें (दिल्ली में यह ऑनलाइन होता है और स्लॉट जल्दी भरते हैं)
- अपना टोकन या स्लॉट विवरण सेव करें
- उस दिन उपस्थित हों (या जहाँ उपलब्ध हो डिजिटल प्रक्रिया अपनाएं) और समझौता राशि स्वीकार करें
- राशि केवल सरकारी माध्यम से भरें और रसीद रखें
आम तौर पर ज़रूरी दस्तावेज़
- चालान नंबर और गाड़ी नंबर
- RC और ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी (कुछ जगहों पर)
- OTP और अपडेट के लिए मोबाइल नंबर
अगर आपके पास समय नहीं है या प्रक्रिया कठिन लगती है, तो AdalatSaathi योग्यता जांच, रजिस्ट्रेशन और WhatsApp पर अपडेट में मदद करता है। हमारी फीस पहले बताई जाती है और जुर्माना हमेशा सरकार को जाता है, हमें नहीं।
ℹ️ केवल सामान्य जानकारी, कानूनी सलाह नहीं।
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